गुप्‍त गोदावरी- जो आज भी अबूझ पहेली बनी है

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Sunday, May 17, 2009

सावन में पावन कर्मो से सराबोर रहेगा धाम

May 18, 02:06 am
चित्रकूट। सवा पांच करोड़ शिवलिंग, 108 पुराणों की स्थापना, प्रवचन, महारुद्राभिषेक, साथ ही श्रीरामलीला और भजनों का आनंद.. इतने सारे भक्तिपूर्ण कार्य आगामी श्रावण मास में इस विश्व प्रसिद्ध धाम की पावन धरती पर संपन्न होने जा रहे हैं। गुरु पूर्णिमा के दिन से चित्रकूट में भोले के भक्तों का जमावड़ा लगेगा, जो सावन माह में चलेगा। इस धार्मिक कार्यक्रम में भाग लेने के लिये देश भर से सामान्य व विशिष्ट जन इकट्ठा होंगे।
संकल्पपूर्ति महामहोत्सव के 45वें महारुद्र महायज्ञ का आयोजन 7 जुलाई से प्रारंभ होगा। इस विशाल कार्यक्रम के आयोजक तो वैसे मानस मर्मग्य पं. देव प्रभाकर शास्त्री हैं, पर आज अगले हफ्ते से शुरू होने वाली तैयारियों का जायजा लेने आये फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा व फिल्म निर्माता केवल कृष्ण ने मंच की व्यवस्था के साथ ही हर एक काम के लिये गहरी छानबीन कर निर्देश दिये। रविवार सुबह लगभग 11 बजे सतना से सड़क मार्ग से जिला मुख्यालय आये यहां उन्होंने पुलिस अधीक्षक राकेश प्रधान से मिलकर आयोजित होने वाले कार्यक्रम की पूरी जानकारी दी और सुरक्षा व्यवस्था की मांग की। पुलिस अधीक्षक ने उन्हें पूरा सहयोग देने का वादा किया। इसके बाद वे रामायण मेला परिसर पहुंचे। वहां पर पूरा परिसर देखने के बाद रैनबसेरा भी देखा। हर कमरे में जाकर खुद हर एक चीज का जायजा लिया। विशाल पंडाल लगवाने के लिये मंच व्यवस्था, कैलाश, महाराज श्री धाम, पुराणों की स्थापना प्रसाद पंडाल के साथ ही रूकने के साथ ही अन्य व्यवस्था सम्बन्धी कार्यो के बारे में निर्देश दिये। उनके साथ इलाहाबाद, बनारस,जबलपुर, आगरा व सतना के आर्कीटेक्ट उत्तम बनर्जी भी आये थे। उन्होंने शामयाना बनाने वालों को निर्देश दिये कि वे ऐसा पंडाल बनायें कि कहीं पर भी पानी नजर नही आना चाहिये क्यों कि पूरा कार्यक्रम सावन के महीने का है। सब कुछ देखने सुनने के बाद उन्होंने रामायण मेला परिसर में मेले के कार्यकारी अध्यक्ष गोपाल कृष्ण करवरिया व प्रचार मंत्री करूणा शंकर द्विवेदी से भी मुलाकात की। उन्होंने उन्हें सैंतीस सालों के रामायण मेला के इतिहास के बारे में जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने सिया राम कुटीर में जाकर नाना जी देशमुख से मुलाकात की। यहां पर दीन दयाल शोध संस्थान के प्रधान सचिव भरत पाठक ने उन्हें कार्यक्रम के लिये हर सहयोग देने की बात कही। उनके साथ उनके जीजा सुरेन्द्र सोहाने व सतना व इलाहाबाद के काफी लोग थे।