चित्रकूट। लोककलाओं को संरक्षण और संवर्धन के लिए शुरू हुए लोकलय समारोह में इस बार खास होने वाला है। हो सकता है कि बुंदेलखंड के बेशकीमती लोक कलाकारों को विदेशों में प्रदर्शन का मौका मिल जाए। इस साल 20-21 मार्च को अखिल भारतीय समाजसेवा संस्थान के भारत जननी परिसर में होने वाले लोकलय समारोह को देखने विदेशी भी मौजूद रहेंगे। ये जानकारी लोकलय महोत्सव के मुख्य आयोजक अखिल भारतीय समाजसेवा संस्थान के न्यासी गोपाल भाई ने पत्रकारों को दी।
उन्होंने बताया कि पिछले दो आयोजनों का प्रतिफल हमीरपुर जिले के बिवांर गांव में उस समय दिखाई दिया जब पूरा जिला प्रशासन लोक कलाकारों से मिलने गांव पहुंचा। वहां पर डीएम समेत सभी अफसरों ने पहुंचकर न सिर्फ लोक कलाकारों को सुना बल्कि 10 हजार रुपयों की सहायता के साथ कंबल भी दिये। कार्यक्रम में बुंदेलखंड के सातों जिलों के लगभग 150 लोक कलाकार शिरकत करेंगे। 20 मार्च को कार्यक्रम का शुभारंभ बांदा के वयोवृद्ध कलाकार बुद्धि प्रसाद करेंगे। इस मौके पर वर्ल्ड बैंक के सलाहकार व प्रिया संस्था के संस्थापक डा. राजेश टंडन व लोक कला ममर्ग्य उरई की डा. वीणा श्रीवास्तव मौजूद रहेंगी। यहां पहले दिन बुंदेली वाद्यों की सहायता से लमटेरा, अचरी, कछियाई, कुम्हरई, कहरई, राई, कोलहाई, गोट, बिरहा आदि विधाओं का मंचन होगा। समारोह के दूसरे दिन के खास मेहमान सूबे के संस्कृति मंत्री सुभाष पांडेय होगे। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम्य विकास मंत्री दद्दू प्रसाद करेंगे। समारोह के दूसरे दिन जवारा गीत व नृत्य, होरी गीत, नट कला, चंगेली नृत्य, गांवों के प्राचीन वाद्यों का प्रदर्शन व बुर्जुग कलाकारों का अभिनंदन किया जायेगा। इस दौरान बीबीसी समेत विदेश से आने वाले मेहमान समाजसेवी ब्रान लान क्रिस्टोफर, प्राट वायडन, क्रिंग्सले प्राट वायडन व सुहेल टंडन आदि मौजूद रहेगे। इस मौके पर समाजसेवी आलोक द्विवेदी मौजूद रहे।
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Monday, March 29, 2010
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