गुप्‍त गोदावरी- जो आज भी अबूझ पहेली बनी है

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Monday, March 29, 2010

यमुना का पानी बुझायेगा जिले की प्यास

चित्रकूट। पानी की गंभीर समस्या से जूझ रहे जिले के लोगो को शायद अब पीने के लिए भरपूर पानी मिल जाये। मऊ ब्लाक के लगभग सभी गांवों में शुद्ध व सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिये जल निगम की निर्माण निगम इकाई ने यमुना नदी के दो तटों से पानी को लिफ्ट कर लगभग 101 गांवों में पानी देने की योजना का काम प्रारंभ कर दिया है। अधिशाषी अभियंता जल निगम अस्थायी निर्माण खड राम भरोसे बताते हैं कि मऊ ब्लाक के 40 गांवों में पानी देने की योजना पर काम प्रारंभ हो चुका है। इस योजना की कुल लागत 6254.71 लाख रुपये ही है। इस योजना में पूरब पताई गांव में इन्टेकवेल बनाकर पानी को लिफ्ट किया जायेगा। बरगढ़ मोड़ पर ट्रीटमेंट प्लांट बनाकर जल का शोधन किया जायेगा। यहां से 40 गांवों की सप्लाई के लिये पाइप डाला जायेगा। उन्होंने बताया कि इस योजना में सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें जीआई पाइप का इस्तेमाल मेन सप्लाई में नही किया जायेगा। इसके लिये डीआई पाइप डाला जायेगा। हर दो या तीन गांवों के बीच में टंकी बनाई जायेगी। दूसरा प्रस्ताव मऊ कस्बे के पास के घाट से पानी को उठाकर लगभग 61 गांवों को पानी देने की है। इस योजना की लागत 100 करोड़ रुपयों की आयेगी। इसके साथ ही तीसरी योजना यमुना नदी से पानी उठाकर सरैंया होते हुये पाठा के इलाके में पानी देने की है। इस योजना से ऊंचाडीह न्याय पंचायत के तमाम गांवों व मजरों के साथ ही अन्य गांवों को पानी देने की योजना है। इस योजना के लिये अभी सर्वे का काम चल रहा है। मुख्य योजना नगरीय पेयजल पुर्नगठन योजना के अन्तर्गत मुख्यालय में पानी की सप्लाई को 8 एम एल डी से बढ़ाकर 18 एमएलडी करना है। हैंडपंपों के लिये जिम्मेदार विभाग जल निगम के अधिशाषी अभियंता जे पी सिंह कहते हैं कि इस साल उनका नये हैंडपम्पों को लगाने का लक्ष्य 315 का था, जिसके सापेक्ष अब तक 600 से ज्यादा हैंडपम्प लगाये जा चुके हैं। इसके साथ ही लगभग 700 हैंडपम्पों को रीबोर किया जा चुका है।