चित्रकूट। एक बार फिर लंकाधिपति रावण के दहन के लिए जगह छोटी हो चुकी है। शहर के धुस मैदान में अतिक्रमणकारियों ने अपने हाथ फैलाकर रावण को फूंकने लिए इस जगह को इतना छोटा कर दिया है कि शायद यहां पर विजयादशमी पर अब कुछ सैकड़ा लोग ही रावण दहन के गवाह बन पायें।
गौरतलब है कि लगभग बीस साल पहले मुख्यालय में खेलने व खेल तमाशों के साथ ही सांप्रदायिक सद्भाव के अवसरों दशहरा में रावण दहन व मुहर्रम में ताजियों का मिलन का केंद्र धुस का मैदान ही हुआ करता था। यहां पर ही बड़े-बडे़ राजनैतिक दलों की सभायें भी हुआ करती थी। वैसे सभायें तो अभी भी होती हैं पर नगर पालिका परिषद द्वारा यहां पर सब्जी मंडी को लगवाने के बाद इस मैदान की हालत खराब हो गयी। सब्जी फरोशों ने अपनी-अपनी दुकानें जहां एक तरफ बना डाली वही अतिक्रमण के कारण मैदान बिल्कुल सिकुड़ सा चुका है। अभी हाल के दिनों में नगर पालिका परिषद ने इस मैदान के प्रमुख भाग को कूड़ा दान में तब्दील कर शहर भर के कूड़े को डालने का काम करना प्रारंभ कर दिया है। इसके साथ ही जल निगम अस्थायी खंड यहां पर विशालकाय पानी की टंकी का निर्माण भी कर रहा है। जिसकी वजह से बालू व अन्य सामग्री रावण के दहन में बाधक बन रही है। पुरानी बाजार राम लीला कमेटी के प्रबंधक श्याम गुप्ता व सचिव विजय मिश्र इस मामले पर तीखे नाराज है। उन्होंने नगर पालिका परिषद की कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त करते हुये कहा कि नगर पालिका परिषद के लोग सिर्फ कमाई देखते हैं। उन्हें इस बात से कोई मतलब नही कि यहां कितने धार्मिक और ऐतिहासिक के साथ ही राजनैतिक जलसे होते रहे हैं, पर नगर पालिका परिषद ने इस मैदान को कमाई के चक्कर में छोटा कर दिया है।
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Sunday, September 27, 2009
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