चित्रकूट। मंदाकिनी नदी में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों की सहायता का क्रम लगातार जारी है। बाढ़ की विभीषिका में अपना सब कुछ गंवा चुके जरूरतमंद परिवारों तक राहत पहुंचाने के उद्देश्य से सनातन शोध संस्थान की ओर से सेवा कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में श्री चित्रकूट धाम स्थित अनी दिगंबर अखाड़े के श्रीमहंत एवं सनातन शोध संस्थान के संरक्षक श्री दिव्यजीवन दास जी महाराज ने 50 पात्र बाढ़ पीड़ितों को सूखा राशन किट प्रदान कर राहत पहुंचाई।
राशन किट वितरण के दौरान बाढ़ प्रभावित परिवारों ने बताया कि मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ ने उनके सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। कई परिवारों के घरों और दुकानों में पानी भरने से घरेलू सामान, खाद्य सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुएं नष्ट हो गईं। बाढ़ का पानी उतरने के बाद भी प्रभावित परिवारों के सामने रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की चुनौती बनी हुई है। ऐसे समय में खाद्यान्न एवं आवश्यक सामग्री की सहायता उनके लिए काफी उपयोगी साबित हो रही है।
इस अवसर पर श्री दिव्यजीवन दास जी महाराज ने कहा कि आपदा की घड़ी में पीड़ित मानवता की सेवा करना समाज और संत परंपरा का दायित्व है। बाढ़ से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके सामान्य जीवन को पटरी पर लाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुंचाने का यह क्रम आगे भी जारी रखने का प्रयास किया जाएगा।
सनातन शोध संस्थान के महासचिव संदीप रिछारिया ने कहा कि मंदाकिनी की बाढ़ ने चित्रकूट के अनेक क्षेत्रों में जनजीवन को प्रभावित किया है। ऐसे समय में संस्थान का उद्देश्य केवल राहत सामग्री वितरित करना नहीं, बल्कि वास्तविक रूप से जरूरतमंद और पात्र परिवारों तक सहायता पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि समाज के सक्षम लोगों, संतों और सामाजिक संगठनों को आगे आकर बाढ़ पीड़ितों की मदद करनी चाहिए, ताकि प्रभावित परिवारों को संकट से उबरने में सहयोग मिल सके।
संस्थान के उपाध्यक्ष डॉ. संतोष मिश्र ने भी राहत कार्यों को निरंतर जारी रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा के बाद पुनर्वास की प्रक्रिया लंबी होती है और प्रभावित परिवारों को कुछ समय तक निरंतर सहयोग की आवश्यकता रहती है।
राशन किट वितरण कार्यक्रम में भाजपा के जिला महामंत्री डॉ. अश्विनी अवस्थी, आचार्य अभिषेक अवस्थी, समाजसेवी राधेश्याम गौतम सहित अन्य गणमान्यजन एवं समाजसेवी उपस्थित रहे। सभी ने बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए चलाए जा रहे सेवा कार्य की सराहना करते हुए समाज के अन्य लोगों से भी जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए आगे आने का आह्वान किया।
सनातन शोध संस्थान की ओर से बताया गया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार सहायता पहुंचाने का प्रयास आगे भी जारी रहेगा। राहत वितरण के दौरान पात्र परिवारों को प्राथमिकता देते हुए आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।


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